Tuesday, August 21, 2012

जनता बिकल्प की नही ,अपनी रोज़ी रोटी की तलाश में

जनता बिकल्प की नही ,अपनी रोज़ी  रोटी की तलाश में  है । अब राजनीति में राय देने की अलावा जनता करती क्या है ? वोट तो अपने फायदे बालो को ही देती है .। और हा कांग्रेस 2014 में फिर सरकार बना ले तो कोई बड़ी बात नही है !सब राजनीतिग पंडितो को जुठ्लाते  हुए मेरा ये दावा है की अगली सरकार  कांग्रेस की ही बननी है !कारण :--
1.
 कोई विकल्प नही है ।
2.
 भ्रष्टअचार पर इतनी राजनीति  और नाटक हो चुके है  की जनता को अब ये विश्वास हो रहा है कुछ नही होने बाला ।इस मुद्दे में इतनी जान  नही की वोट को हिला सके ।
3.
 अन्ना जी की टीम ,बाबा रामदेव मिलकर भी 10 सीट नही निकल सकते , इनका हाल भारतीय किसान यूनियन ( बाबा  टिकेत ) बाला है। जो किसानो की लड़ाई में तो सफल थे ।पर अभी तक कोई लोकसभा  चुनाव नही जीत पाए ।और छोटे चुनावो में भी खास प्रदशन नही कर पाये ।पर अन्ना और रामदेव तो अभी एक भी सफल आन्दोलन नही चला पाए ।जबकी भारत में केवल किसान ही अगर एक पार्टी को वोट  दे तो वो पार्टी आराम से सत्ता पा  सकती है ।पर ये भी कहा  हो सका ?आजतक । चोधरी चरण सिंह का जादू फिर कब चला ??पर सरकारी तौर पर समस्या केवल वो ही मानी जाती है | जिससे कमाई हो या वोट बैंक बड़े …… यह दोनों ही नही है फिर क्यों कोई सोचेंगा ?
4
महगाई की अब आदत हो गयी है लोगो को , जिस पर सरकार कुछ कर पायगी ? सबको इसका जबाब पता है की नही ! ।अब  ये मुद्दा भी नही है ।फिर चुनाव के टाइम तो पट्रोल / गैस/चीनी / आलू /तेल /सब्जी सबके दाम कम हो जायेंगे ।ये सब सरकार के अपने साधन है उनके एक इशारे पर  कभी भी कम जाएदा हो जाते है ।आयात - निर्यात में , अनाज के दामो के सट्टेबाजो ने जो कमाया है ।जमा किया है बहार  भी तो निकलना है और कमाने के लिये लगाना भी होता है  जी ।उनका भंडार सरकारी थोरे है जो खुले में सड़  जाये !
5.
 सारी छोटी पार्टिया को  सरकार  खरीद ही लेंगी ।नही तो C .B .I  तो है ही जिनके पास सबका हिसाब किताब है चुनाव लड़ाने में बहुत सहायक होती है । सब छोटे सरदार /कुवारियो/माता /बहेनजी /नेता जी  के मामले इनकी कोर्ट में रहेते ही है जब इशारा हो , नकेल लगा दी जाये !तो छोटे दल  बीजेपी को कभी समर्थन नही देंगे ।
6.
 तीसरा गठबंदन कुछ शोर जरुर करेंगा पर उसका हाल  भी बेमेल खिचड़ी बाला रहेंगा 4-6 महीने की सरकार बना सकते है पर प्रधानमत्री कोन होंगा ? मुलायम सिंह / ममता दीदी /करात /पवार /नीतीश /या कोई साउथ का हीरो /.हेरोएन / जयललिता /नायडू सहाब /अजित सिंह / माया मेम  सहाब  कभी भी .........अपना समर्थन किसी को भी दे सकते है .। नही तो गुजराल /देवगौड़ा /वी .पी सिंह /चंद्रशेखर समान वर्तमान नेता  लोगो को भी मोका मिल सकता है
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 दुखी मत होना दोस्तों ! जब तक सब वोट डालने नही जायंगे तब तक कुछ भी नही होंगा इस देश का ..
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अभी तो कोयेले  की खानों की पोल खुली है अभी सोना / हीरे / चांदी / कोपर /लोहा /ताबा / मइका / सीसा ............................... आदि हजारो तरह की खाने है । जिनका हिसाब बाकि है ।जिनकी डोल की पोल अभी नही खुली है क्या कभी खुलेंगी ?
9.
2 G तो क्या है ? पता नही कितने लाइसेंस होते है भारत में काला धन पैदा करने वाले ?उनके बारे में तो कैग या औडिट को भी नही पता होंगा ।
10.
 ससद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष जोशी  जी है पर बिलकुल निस्प्रभाबी दिख रहे है क्यों ? क्या अब कांग्रेस में जाने की सोच रहे है ?
11
.देश में काला धन कमाने वाले जाएदा है जो न कमाने वालो की आवाज़ को दवा  रहे है । उनकी ताकत बहुत  जाएदा है ।पर लड़ाई कमाने वालो की न कमा  पाने वालो से है ।

12.
चीनी का निर्यात  हो रहा है देश मै दाम 42/-k g हो गए है ।पता है क्यों ? क्यों की चीनी निर्यात\करने\में 10/-k g की सरकारी मदद मिलती है ताकि विदेश में दाम कम रहे ।और मुद्रा प्राप्त हो , दरअसल बहुत  बड़ा खेल होता है इसमे सारा आयत-निर्यात केवल कागजो में ही होता है अरबो रुपए कमाए जाते है .....अब आप सोचे की कितने प्रकार के आयत - निर्यात होते है ? सरकारी ठेकेदारों के ।ये खेल हर सरकार  ने खेले है ।
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इतनी महगाई बडती है पर जमाखोरों पर कोई राज्ये की सरकार कर्येवाही नही करती क्यों ? मिलावट करके ही  तो अब सब को उपलब्द्ता हो प् रही है खाद्य सामग्री की ,नही तो उत्पादन ही  कहा  है ?इतना, लोग मरते हो तो मरने दो ..... किसी का क्या जा रहा है ।दवाईयो की कमी कहा  है ? अरबो रुपे का धन्दा है
14 .
देश में गरीबी काफी हद तक हटा दी गयी है । 32 /- में खाना खिला कर । पर सरकार ने मंरेगा योजना से टैक्स देने वाली जनता के पैसे से वोट  खरीद ली  है।उपर से नीचे  तक सब को खूब मिल रहा है पैसा । तो कांग्रेस को कोन जाने देंगा ? बीजेपी पर कोई भरोषा नही है ? कब आकर पेट पर लात मार  दे ?  मजदूर को बिना काम 100/- मिल जाये तो काम क्यों करे ?भले ही उनका सारा हिस्सा प्रधान जी ले जाये ! फिर D M सहाब तक जाना है ।अब किसान को मजदूर नही मिले तो क्या ? देश का निर्माण तो हो रहा है ।
इस मनरेगा में कितने लोगो के वोट जुड़े है सोचो ........कोन  वोट नही देंगा इनको?
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बीजेपी को बहुमत मिलना ही मुस्किल है अगर एक दो दंगे हुए तो कुछ सीट बड  जाएँगी पर मोदी / सुषमा /जेटली /राजनाथ/गडकारी  सब प्रधानमंत्री है ।
लिखने को तो बहुत  कुछ है पर मुर्दे कभी जिन्दा नही होते .........फिर सब ठीक ही चल रहा है देश डूबता है तो डूबने दो .......और ये देश है भी कहा ?बस नाम  है ...








Friday, August 17, 2012

आसमान ..........

                                                   हर एक का एक अलग आसमान होता है ........
                                                                   युवा होती लडकियों के लिए आसमान गुलाब सा गुलाबी होता है ...
                                                                  जवान हो गयी औरतो को नोकरी में  आसमा दीखता है ।                                   अधेड़ो को बच्चो के आँखों से आसमा दीखता है ।                                                                                                          तो लडको को खून सा लाल -लाल  लगता है .....
                                             सरकारी नौकरी दिन के उजाले में कहा  दिखती है ?
                                             रात को सपने में द्रुव तारा सी लगती है ।

                                                गरीब के आसमान मे  सूखी  रोटिया लटकती है .
                                               तो अब भी आमिरो के आसमान से पैसा बरसता है !...
                                                         नेताजी को  पाव मे जनता, सर पर पार्टी, आसमान मे कुर्सी दीखती है !
                                                         बचपन से सीधे बुद्धे होते आदमियों को हर महा का target आसमा से ऊचा लगता   है ....
                        सबसे अच्छा आसमान तो बच्चो का होता है जहा अब भी चंदा मामा, चमकते तारे देखते है, ( किताबो मे ).........
" अमन कुमार"

Monday, August 13, 2012

हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए

हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए

आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी,
शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए

हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए

सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए

मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।

Monday, August 6, 2012

blog writing problem

आज कोई कहानी का मन नही है ।
                            आज तो एक मौत की बात करनी है आप से । भारत के सबसे जरुरी आन्दोलन की मौत हो गयी है । आज हमारे देश में  रोटी  कपडा और  माकान की
समस्या  है। शिक्षा , स्वाथ्य , बेरोजगारी , कृषि ,हवा ,पानी , बिजली ,अपराध , आतकवाद , ये तो बहुत दूर की कोड़ी है !
  राजनीती के चलते ये सब बहुत दूरहै हम  गरीबो से , क्या अब भी ? 66 साल के आज़ादी के बाद भी , समझ नही आता की लोकतंत्र भारत मे सफल नही हो पाया क्या दिया है ?अब किस बात का और इंतजार है ?अन्नाजी भी भटकहए है  अब कुछ गलती समझ गएहै की टीम अन्ना केवल सत्ता  सुख के लिए बनायीं गयी जिसमे अन्ना जी को प्रयोग  किया गया है अब क्या करे जनता अब कहा  जाये ? हर आदमी सत्ता की तरफ भाग रहा है , असली सकल सामने आ रही है .......

Thursday, August 2, 2012

रक्षाबंदन - उत्सव

Rakhi
RAKSHA SUTRA . LOVE OF SISTERS...

रक्षाबंदन एक ऐशा  उत्सव है जो हिन्दू धर्म की एक विशिष्ट  भावना को दिखाता है !शास्त्रों के अनुसार पहेली बार देवता इन्र्द को उनकी पत्नी ने रक्षा सूत्र बंधा था दानवो  से बचने के लिए । फिर माध्य काल में गुजरात की  रानी कर्णावती ने मुग़ल बादशा हुमायु को राखी बेजी और उसने भी उसकी लाज रखी ।ये धागा विस्वास और रक्षा का प्रतीक है ।रिश्ते ही तो है जो हमें सब कुछ देते है ये भाई -बहेन के बीच पवित्र रिस्ते को मजबूत करता है ! दूरिया कितनी भी हो पर  भावना तो रहेती ही है ।
यु तो हर रिश्ते का अपना महत्व होता है पर जब बहेन  बेटी की बात आती है तो सबका दिल भर जाता है ।
माँ के साथ  बहेन  ही तो होती है जो घर को संभालती है ,याद !!..........है जब हम छोटे थे ! हम सोती हुई बहेन  को बार बार परेशान  करने को बोलते की " बना ले " फिर थोरी देर में  हलके से हिला देते "  की बना ले ! वो कहेती मम्मी ............... देख लो !!इनको, अब चाए की तो मम्मी भी शोकिन है हमारी ...तो वो बस पेले पीले दंत दिखाती रहती। पर कहती कुछ नही थी  ! बैसे आमतोर पर चाय का नाम लेने की जरुरत नही पड़ती थी । बस चाये तैयार !और हर घर में इडली डोसा , छोले -भटूरे ,चाट, दाल मखनी ,चोव्मीन ,मेग्गी , हलवे, दाल बाटी-
पानी पूरी , आलू की टिक्की, बेसन के चीले , पिज्जा कोल्ड, कॉफ़ी , मांगो शेक , मिक्स -जूस ,पनीर टिक्का ,पनीर कबाब , ICE -CREME जैसी चीज़े बहेने ही बनती है । मम्मी तो बस खाना बनाने में ही निपुण होती है ।


पापा जी को  पहली बार उसकी शादी में ही आंसू भरे देखा था मैंने !  आज मै कही  भी हो पर गर्मियों की छुट्टियों में उसका इंतजार तो रहेता ही है उसके हाथ  का खाना 15 -20 साल पुरानी  यादे ताज़ा कर देती है ।एक बार लड़ाई  भी होती है में कभी माफ़ी   नही मांगता किसी से, पर उससे मांगने मे कभी शर्म नही आती !पिछली बार भी उसका   हमारे "भैया " को फ़ोन करने के कारन लड़ाई हुई ! उससे पिछली बार "मै " के कारण बहस हुई ।हमारी लड़ई को बच्चे नही समझ पाते  तो सब मुझ  से ही लड़ने लगते है । बच्चे , बीबी , मम्मी और पापा  सब उस तरफ थे मे अकेला टक्कर ले रहा था ! पर कहा तक ?  मेरी बकालत के सामने कोन  आता ?
फिर वो रोने लगी में ये  केस बिना सबूत हार  गया । माफियो - सॉरी का दोर  हुआ और  में बहा से निकल गया नही तो ..........सब मुझे जान से ही मर देते । शाम को बाहर पार्टी का जुरमाना मुझे देना पड़ा गोल मार्केट में!आज भी हम रोज़ बाते करते फ़ोन पर .....सच iहै बचपन   बापस नही आता 
बड़ी याद आती है वो लड़ाईया ! हैप्पी रक्षा बंदन बहेनो - भाईओ ..........................