Wednesday, June 26, 2013
Tuesday, June 11, 2013
नक्सल बाद !
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इस समस्या के हल के लिए एक तरफ तो के पी एस गिल , जुलिअस रिबेरो जैसे दिलेर रणनिति के सुरक्षा बल संचालक काम करे , तो दूसरी तरफ विनोबा वहाबे , जयप्रकाश नारायण, लोहिया सरीखे नेताओ की रहा पर चलकर सच्चे समाजवाद को जिन्दा करके,इस समाज का सामाजिक आर्थिक राजनितिक पिछड़ापन दूर करा जाये और देश के मुख्या धारा मे लाया जाये ।अगर जब कश्मीर समस्या के लिए वार्ता दल बनाया जा सकता है तो इस मुददे पर क्यों नही पहल हुई , आखिर एन युवाओ की समस्या क्या है ? उस समस्या का मूल क्या है ? समस्या के मूल कारणों पर भी आर्थिक सामाजिक और राजनीतिः बल का प्रयोग जरुरी है !
नक्सल बाद ने आज देश को अपनी आग मे झुलसा दिया है ! लगातार हमले होते रहे है पर ये सब स्वार्थी राजनीती के कारण ही होता है !इतनी बड़ी समस्या से आज देश चिन्ता मे है । पर अभी तक सरकार ने कोई प्रभावी कर्येव्हायी नही की , कारणों और निवारणों का चिंतन सही स्तर पर अभी तक नही हुआ हैसुरक्षा बल का प्रयोग तो इतने वर्षो से विफल ही रहा है अब जरुरत है सही निवारण पद्दति के प्रयोग की ।
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