Friday, May 31, 2013




मैं दो कदम चलता और एक पल को रुकता मगर...........
♡ इस एक पल जिन्दगी मुझसे चार कदम आगे बढ जाती ।
♡ मैं फिर दो कदम चलता और एक पल को रुकता और....
♡ जिन्दगी फिर मुझसे चार कदम आगे बढ जाती ।
♡ युँ ही जिन्दगी को जीतता देख मैं मुस्कुराता और....
♡ जिन्दगी मेरी मुस्कुराहट पर हैंरान होती ।
♡ ये सिलसिला यहीं चलता रहता.....
♡ फिर एक दिन मुझे हंसता देख एक सितारे ने पुछा..........
♡ " तुम हार कर भी मुस्कुराते हो ! क्या तुम्हें दुख नहीं होता हार का ? "
♡♡ तब मैंनें कहा................
♡ मुझे पता हैं एक ऐसी सरहद आयेगी जहाँ से आगे
♡ जिन्दगी चार कदम तो क्या एक कदम भी आगे ना बढ पायेगी,
♡ तब जिन्दगी मेरा इन्तज़ार करेगी और मैं......
♡ तब भी युँ ही चलता रुकता अपनी रफ्तार से अपनी धुन मैं वहाँ पहुँगा.......
♡ एक पल रुक कर, जिन्दगी को देख कर मुस्कुराउगा..........
♡ बीते सफर को एक नज़र देख अपने कदम फिर बढाँउगा।
♡ ठीक उसी पल मैं जिन्दगी से जीत जाउगा.........
♡ मैं अपनी हार पर भी मुस्कुराता था और अपनी जीत पर भी......
♡ मगर जिन्दगी अपनी जीत पर भी ना मुस्कुरा पाई थी और अपनी हार पर भी ना रो पायेगी

Thursday, May 30, 2013

गुजरात के शेर मोदी !

मोदी सामने तो एन डी ए , बरना तीसरा मोर्चा !
                                                                           
                            गुजरात के शेर मोदी !
आतंकबाद , कानून वेवस्था ,असफल विदेशी नीति सीमावर्ती देशो से  शीत युद्ध मे  असफलता , महगाई , भर्स्ताचार , घोटालो के चलते   कांग्रेस और अन्य सहयोगी  दलों  से निराश जनता अब एक बार मोदी को आजमाना चाहती  है । जिनके अलावा दूर तक एस देश पर कोई इस  स्तर  का अनुभवी नेता नही है । पर अभी दिल्ली दूर है !गुजरात दंगो का भूत , कांग्रेस की सरकारी पैसे से सत्ता खरीदने की योजनाये ,चुनावी राजनीती मे भ्रमक जनता जैसे समस्याओ से मोदी  पार पा  भी ले तो भी   उनके  विरोधियो से जाएदा  उनकी पार्टी के ही लोग आत्मघाती सिद्ध हो रहे है।लगता तो यह है की ये लोग सरकार  बनाने की बजाए विपक्ष मे  बैठना  पसंद करेंगे आडवाणी  जी के नेतार्त्व मे ,अत  जब तक वी जे पि पूरी तरह से एकजुट होकर सामने नही आयेंगी तब तक मोदी जी गुजरात के शेर ही बने रहेंगे ।हा बिल्ली के भाग्य से छिका टुटा तो फायदा तीसरे मोर्चे को होंगा ! 

                                                            अमन अन्गिरिशी
                                                                             मेरठ  ऊ प्र



वर्तमान पता -- बी  6 7 , शांति नगर ,सी .बी .आर  आई . रूरकी


                                                       

Wednesday, May 29, 2013

वो मै था कि ...

वो मै  था कि ...
जो सबके साथ चलना चाहता  था ,
पर वो थे अपने को मेरा  सहारा समझ बेठे ,
वो मै  था , जो प्यार को खुदा मानता रहा
पर वो थे की मेरे प्यार मे , लालच को तलाशते  रहे
वो मै  था सबसे छोटा बना हुआ था ,
पर वो थे सब अपने को बड़े बना बेठे ,
एक मै  था  कि घर अपना न बना पाया
पर वो थे सब महल सजा बेठे ,
वो मै था कि बेठा रहा इंतजार मे मौत तक ,
पर ये वो थे कि मुड़ कर भी न देखा रहे गुजर मे ,

Monday, May 27, 2013

ऐश और केश की माफिया लीग I P L !

ऐश  और केश की माफिया लीग  !
                                             


जब १३ बर्ष पहेले क्रिकेट मे फिक्सिंग का भूत अपनी कब्र खुद, खोद कर  खड़ा हुआ था हेन्ज़ी क्रोनिये ने स्वीकार किया था की मैच की परिणाम पैसे से और अन्य साधनों से प्रवाभित किये जाते है तो भारत के भी अनेक बड़े खिलाडियों के नाम सामने आये थे बहुत  हंगामा हुआ था मानो  सारी कार्यवाही  संसद मे  हो रही हो । और सारी  कार्यवाही का हाल भी बही  हुआ जो संसद मे  होता है । आज सारे  दागदार , नहा - धोकर साफ हो गए है ।    तब से  किसी सरकार  ने BCCI  पर लगाम नही लगाई और एस प्रकार के अपराधो को रोकने के लिए अभी तक कोई प्रभाब्शाली कानून ही नही बना  है जिसकी बात अब हमरे नये कानून मंत्री जी कह  रहे है । उन्हें ये अच्छी तरह पता है की अब बनाये कानून से  पुराने अपराधियों को सजा कोई अदालत नही दे सकती  । वास्तव मे सभी  खेलो के प्रशासन पर अलग अलग राजनीतिक दलों  के नेताओ उनके खानदानी लोगो , बड़े वेव्सायीयो  ने अपने - अपने  स्वार्थो के चलते कब्ज़ा कर  रखा है ।बेशुमार दौलत , ताकत ,और सुन्दरियों के मेल ने एस खेल को एक महगा तमाशा बना कर  रख दिया है जिसे देख कर हर भारतबासी की आंखे खुली की खुली रह जाती है वो सपनो की दुनिया मे चीयर  लीडर्स के साथ नाचता रहेता है । आपकी गली , परिवार समाज मे  हर ३ आदमियों मे  से एक , अपने को खेल का जानकर समझ कर  I P L  के मैचो  मे पैसा लगता मिल जायेंगा । हर १ 0  मिनट्स मे  नया  दाव  !कभी ओवर का हिसाब , तो कभी रन का , हार  जीत तो है ही 
अब  जीते तो दिन अच्छा है और लगाओ ! हारे  तो अरे एस बार जीत  जायेंगे ! उधार  पर खेलो ,
जिन पर पैसा है उनका तो सोंक  हुआ , पर महीने के १0  - ३ ० हज़ार कमाने बाले जाएदा सपने देखते है अमीर  होने के ,उन मूर्खो को बताये की जुए मई जीतते बही  है जो जुए को खेलाते है  । खेलने बाले तो हारते ही है । पर अब- जब  ये खेल देश की सुरक्षा - अस्मिता के दुस्मनो के धन कमाने का साधन भी  बन गया है तो सरकार  की ये मज़बूरी बन गयी है की तुरंत प्रभावी कदम उठाए । पर डर  यह है की  कही  देर न हो जाये !



       अमन अन्गिरिशी
      मेरठ  उ प्र



बर्तमान पता , अमन कुमार , B - 6 7 , शांति नगर आई आई टी रूरकी 

देश हित मै अब आडवाणी को भीष्म बनना होंगा !

 देश हित मै  अब आडवाणी  को भीष्म बनना होंगा !

Friday, May 17, 2013

मेरी लेखनी भी चल पाती ,....

मेरी कविता !
काश ! मेरी लेखनी भी चल पाती ,
प्रियेतमा  की सुनहरी जुल्फों पर ,
मै  भी शब्दों मे कह पाता ,
उसकी प्यारी बातो को ,
उसके आने पर हसना है  ।
उसके जाने पर रोना है ,
मुझको  भी ये  सीख ला  दो अब  ,
उसने दिल मेरा तोड़ दिया तो ,
जीवन मेरा विफल हुआ
जब उससे  नाता जोड़ लिया तो
जीवन मेरा सफल हुआ ।
उसके आचल जी कर  मै भी
जीते जीते ही मर जाता ,
  पर  मुझको तो  लिखना   आता है ।
अपनी भारत  माता पर ,
देश पर जो मर मिट गए ,
ऐसी  वीरो की गाथा पर !
मुर्दे भी जो जाग जाये अब
बना दू जिन्दगी की तस्वीर
अपने खून की श्याही बनाकर
लिख दू भारत की तकदीर ,......................

Monday, May 13, 2013

संसद मे भी , राष्ट्र गीत का अपमान !


सिलसिला रुक ही नही रहा है इस देश मे चीर हरण का , ससंद मे ही माननिये सदस्य देश का , सविधान का भारत के हर नागरिक का अपमान कर देते है और लोकतंत्र के नाम पर चुने गए देश के दुसमन हमारे लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर मे हमें ही आंखे दिखा रहे है सरकार और धर्म निपेक्षता का नकाब पहेने सता लोलुप नेता और सारे
के सारे दल अब भी आंखे मुधे पड़े है |
|बसपा से संभल के ससंद सदस्य शफीकुर्रहमान बर्क ने खुले – आम भारत की ससंद को चुनोती दे दी है | बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क द्वारा सदन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के अपमान का मामला सामने आने के बाद एक भाजपा नेता ने इसकी निंदा करते हुए इसे ‘तालिबानी आचरण’ करार दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग वंदे मातरम से नफरत करते हैं, उन्हें देश में रहने का हक नहीं है। । बुधवार ८ मई को लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने से पहले सदन में ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजने के दौरान संभल से बीएसपी सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के उठकर बाहर चले जाने पर अध्यक्ष मीरा कुमार ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और उन्हें भविष्य में ऐसा नहीं करने की सख्त चेतावनी दी।
स्पीकर ने कहा, ‘एक माननीय सांसद वंदे मातरम् की धुन बजने के दौरान सदन से बाहर चले गए। मैंने इसका गंभीर संज्ञान लिया है। मैं जानना चाहूंगी कि ऐसा क्यों किया गया। ऐसा आगे कभी भी नहीं होना चाहिए।’नियमानुसार लोकसभा अध्यक्ष इस मसले पर बर्क को नोटिस जारी कर सकती हैं।लेकिन क्या सरकार उन्हें ऐसा करने देंगी ? कभी नही सत्ता का लालच देश को गर्त मे डाल रहा है गठ बंधन की मज़बूरी , एस ग़द्दार को बचा ले जाएँगी | इस मुद्दे पर बीएसपी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। क्युकी सबको मुस्लिम वोट चहिये |लेकिन बाकि दलों का आचरण भी कहा निष्पक्ष रहा है ?
भाजपा के उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने यहां कहा, ‘‘संसद का हर सत्र राष्ट्रीय गान से शुरू होता है और उसका समापन राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के साथ होता है। यह स्वतंत्रता के बाद से बनी आ रही परंपरा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राष्ट्रीय गीत का अपमान किया गया।’’ बर्क के इस आचरण पर कल लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने उनका नाम लिए बिना बसपा सदस्य की आलोचना की थी।
नकवी ने कहा कि जो लोग संविधान निर्माता बाबा साहेब आम्बेडकर के नाम और विचारधारा की राजनीति करते हैं, उनकी ओर से राष्ट्रीय गीत का अपमान किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। बस्तविकता तो ये है की महापुरुष अब मात्र वोट लेने के लिए ही याद किये जाते है |उनकी मूर्ति दिल मे नही सडको और पार्को मे लगती है उनका यही तो अब उपयोग बचा है नही तो अब स्कूलों
के पाठ्यकर्म से हमारे – पूर्वज नामक पुस्तक रहस्मय तरीके से भी गायब हो गयी है |जिसमे हिन्दू काल से लेकर अभी तक के महा पुरुषो के गाथा होती थी 
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘राष्ट्रीय गीत का बहिष्कार करके उन्होंने संविधान का अपमान किया है। जो लोग वंदे मातरम से नफरत करते हैं, उन्हें न तो संसद का हिस्सा बनने का अधिकार है और न ही इस देश में रहने का।’’
“कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों …….. आज इस गीत के रचयता कैफ़ी आज़मी की पुण्य तिथि है !! श्रधांजलि !! इस गीत को गाने वाले गायक थे मोहम्मद रफ़ी साहब !! बनाने और गाने वाले दोनों मुस्लिम और देश-भक्ति की भावना से ओत-प्रोत दोनों को सलाम !!करता हु |वन्देमातरम ना बोलने वालो को इन्हें याद करके डूब मरना चाहिए !!वंदे मातरम का विरोध कुछ मुसलमान इस लिये करते है क्यों के इस मे भारत को एक भगवान माँ का दर्जा दिया गया है और इस मे कहा गया है के ए माँ हम तेरी पूजा करते है.|क्या माता की इज्ज़त करना किसी धर्म मे मना है
इस मे कोई शक नही के इस्लाम की सबसे प्रधान विशेषता उसका विशुद्ध एकेश्वरवाद हैं। अभी तक इस्लाम के एकेश्वरवाद में न किसी प्रकार का परिवर्तन हुआ और न विकार उत्पन्न हुआ। इसकी नींव इतनी सुदृढ़ है। कि इसमें मिश्रण का प्रवेश असंभव हैं।लेकिन क्या किसी मुस्लिम
देश मे कोई राष्ट्रीय गीत या गान नही होता ? खुद पाकिस्तान मे ‘ कौमी तराना ” राष्ट्रीय गीत है जिसकी अंतिम पक्तिय है साया – इ- हुद्दा -इ- जू – एल -जलाल ( sāyā-ē-ḫudā-ē-zu-l-jalāल ) मतलब खुदा
का साया ,शानदार और पवित्र , और मक्का मदीना के भूमि सऊदी अरब मे भी देश की तुलना खुदा से करी गयी है |
और बंगलादेश मे “आमोर सोनार बंगला “तो पूरा गीत ही माँ के लिए है | जिसे नोबल पुरस्कार विजेता रविन्द्र नाथ टगोर ने १९०५ मे रचा था
इसका कारण इस्लाम का यह आधारभूत कलीमा जिसका सहारा लेकर कट्टरपंथी अपनी रोटिय सेक रहे है वो ये है -’’मैं स्वीकार करता हू कि र्इश्वर के अतिरिक्त कोर्इ पूज्य और उपास्य नही और मुहम्मद र्इश्वर के दास और उसके दूत हैं।लेकिन ये कुछ लोग अपने ही धर्म की मूलभूत सिक्षा से भटक गए है और अब तो इस्लाम मे अब भी कब्र परस्ती हो रही है और तेजी से बढ रही है जैसे अजमेर की दरगाह,देल्ही का निज़ामुद्दीन,फ़तेहपुर का सालीम चिश्ती की मजार आदि जहा लाखो लोग जाते है.इसे भी हम मुस्लिमो की बुतपरस्ती कह सकते है।क्या विर्क शाब ने सच्चे मुस्लिम की तरह घर मे टीवी नही है या कभी कोई फोटो नही खिचवाई तो चुनाव का नामांकन कैसे किया ? जनता की सेवा करने के बदले कुछ भी लाभ नही लेते क्या ? अरे शहाब
ये तो न करो की मीठी मीठी गप गप , कडवी कडवी थु थु 
वोटो की राजनीती मे पडकर क्यों अपना और कोम का नाम बदनाम करवाते हो . सलमान रुश्दी का सर कट कर लाने वाले को एक करोर रुपे का इनाम
देने का नारा देकर खबरों मे आने वाले युसूफ कुरेशी ( मेरठ ) आज कहा है ? सच तो ये है की आज भी आम मुस्लिम को पहेली जरूरत है सिक्षा और रोजगार जिससे उनका पिछड़ा पन दूर हो सकता है | और वो शांति और सम्मान से एस देश मे जीना चहता है |और कुछ लोगो की एस प्रकार की हरकत से ही भारत मे उनको शक से देखा जाने लगा है | और अलगाव की समस्या बड़ी है वीर अब्दुल हामिद ने भारत मत की खातिर ही अपनी जान दाव पर लगा दी थी और उनका नाम भारत के इतिहास मे दर्ज है |लाखो मुस्लिमो ने सहादत दी है | अगर किसी दिन आपने एन मूल समस्या मूलक मुद्दों के लिए संसद के बहार भूक हड़ताल करी होती तो आप खुदा के साच्चे बन्दे सिद्ध होते | आपकी इज्ज़त और वोट सच मे बड जाते |कुछ तो एस कर जाओ जो एस देश के कहलायो |
अगर सच्ची जनसेवा बाली राजनीती करी जाये तो भी आप फायेदे मे रहोंगे ……….. बन्दे – मातरम …..

Wednesday, May 8, 2013

विरासत संघर्ष करता युवा नेता अखिलेश यादव !

विरासत की  संघर्ष करता  युवा नेता अखिलेश यादव
                                 (  अंक १ ० अप्रैल २ ० १ ३ )

चाये  वो कितना भी तर्क कर  ले पर सच्चाई तो यह है की उत्तेर प्रदेश मे  सत्ता के कई केंद्र है , अपराधियों के मनोबल बड़े हुए  है सरकारी अफसर मौज मे  कम् कर  रहे है ।विकाश कार्य पर किसी का ध्यान नही है । लोक -लुभावन तुगलकी योजनाये असफल रही है और  केंद्र सरकार  का दबाब और सोदेबाज़ी आम बात है ।
सच तो यह है की अखिलेश सब कुछ होते हुए  भी सक्तिहीन ,दिशाहीन ,और असफल सरकार  के संघर्ष करते युवा नेता ही सिद्ध हुए है । जिनमे पिता  मुलायम सिंह यादव जैसी नेतृत्व की काबिलियत अभी तक दिखाई नही दी है   जिस कारण  समाजवादी पार्टी की साईकिल २ ० १ ४ लोक सभा चुनाव मे  दौड़ पानी मुस्किल प्रतीत हो रही है ।
                                          अमन कुमार अन्गिरिशी
                                                        मेरठ  उ प्र





(  अमन कुमार )

भारत एक खोज -

भारत एक खोज -
 चीनी सीमा विवाद और हल .
भारत एक देश जो सदा से  स्वम गौरव गाथा अत्मस्लाघा से ग्रसित रहा है । जब भी देश  पर कोई संकट  आया हो सत्ता औरआम  जनता सबने शतुरमुर्ग की तरह मुह ही छिपाया है ।
प्राचीन काल से भरतखंड भूमि के इतिहास मे   से आज तक कही  भी ये वर्णन नही मिला की किसी शक्तिशाली भारतीय शासक  ने सीमा विस्तार मे  रूचि ली हो   । हा ये जरुर हुआ की आपस मे  लड़ -झगड कर  शक्ति जरुर  खराब की है । राजस्थान
ताज़ा मामला चीनी घुसपैठ का है । घटना क्रम  एस प्रकार है १५ अप्रैल से ये खबर आई  की चीनी सैनिक भारतीय सीमा मे दिप्सांग बाल्ज़ के राकी नाला मे  तम्बू लगा कर बेठ  गए है । पर जनता के कान मे
 जुह भी न
 रेंगी , युवा  आईपीएल और इन्टरनेट मे सामाजिक हो रहे है पर अपने परिवार का पता नही है  और प्रोढ़ रोज़ी रोटी कमाने मे मर रहे है ।बूढ़े  बहार किसी कोने मे  पड़े अपने ज़माने को याद कर  रहे है ।
नारी वर्ग की अपनी समस्याये  है जिसको  सुलझाने मे  किसी  को कोई रूचि नही है शायद स्वम  नारी वर्ग को भी नही , महिला आयोग  की अध्यक्षा पर महिलायों के लिए समय नही है पर कोई  एक महिला भी  उसको पद से हटाने के लिए नही बोली ,जबकि इस पद की मलाई इतनी मोटी  है की बिल्ली को भी  उसे खाने मे शर्म आ जाये । जो सडको पर लोग है वो सब आम आदमी की पार्टी की टोपी लगाकर गुस्सा कर  रहे है ।
अब बिना टोपी लगाये कोई आम आदमी ही नही  रहा ।
मंत्री जी चीन होकर आये पर सीमा  जैसे किसी विवाद  न पड़े ,दोस्ती का पैगाम देकर आये । और कारगिल के अपराधी सरीफ नवाज सहाब  से फिर धोका खाने को हमारे नाम के प्रधानमंत्री जी दावत देने को तैयार है पर वो आये तो  ,फिर हाथ मे  दोस्ती का पैगाम हो या A ,K  4 ७ हो मरने को आम आदमी सैनिक बहुत  है  ।