Thursday, June 27, 2013

मेरे महानायक .........

उत्तराखंड की आपदा हो ,या देश के दुश्मनो के काले कारनामो  मे लाखो लोगो का  एक मात्र सहारा भारतीय सेना, उसका एक हेलीकाप्टर दुर्र्घटना ग्रस्त हुआ और हमारे नायक सहीद हुए ! घटना स्थल के निकट होने के कारण , मन मे कुछ भाव उठे जो लिख रहा हु ! मंच के प्रबुद्ध भागीदार त्रुटियों को माफ़ करते हुए |सभी को भगवान सुरक्षित करे शांति दे यही इच्चा है !
मेरी भावना समझने की क्रपया करे 
तंग हालात मे जो हस के गुजर जाते है |
मुसीबतों मे  जो सोना सा निखर जाते है 
उनकी पेशानी  पे  चमका ना पसीना श्रम का 
उनकी राहो  मे दुःख आकर ठहर जाते है |
तंग हालात मे जो हस के गुजर जाते है 
देश के खातिर जो   अपनी जान पर खेल जाते है । 
मुसीबत जो भी हो , याद वो ही आते है ।
हमला सीमा पर हो या अंदर सामने वो खड़े हो जाते है !
घर परिवार है उनके भी, अपने बच्चे याद कहा आते है !
देश के हर दुश्मन को वो हिम्मत से   मार भगाते है
 या  तिरंगे मे  लिपटे ताबूत मे बापस  घर तब अपने  आते  है |
देश के जर्रे - जर्रे से  सदा महानायक का दर्ज़ा पाते है |
मोलिक एवं अप्रकाशित -
नोट >( संशोधन करते समय ये रचना अज्ञात कारणों से समाप्त हो गयी है  )

अबके पानी ऐसे बरसा ... ले गया मेरी जान !

अबके पानी ऐसे  बरसा ... ले गया मेरी जान !
पानी के साथ बरसे पत्थर , मौत संग ले आये
बच्चे बूढ़े माता - बहेने बचकर कहा अब जाये ?
जवानों की ताकत भी अपनों के काम न आये
अबके पानी ऐसे  बरसा ... ले गया मेरी जान !

तंग हालात मे जो हस के गुजर जाते है |
मुसीबतों मे  जो सोना सा निखर जाते है
उनकी पेशानी  पे  चमका ना पसीना श्रम का
उनकी राहो  मे दुःख आकर ठहर जाते है |
तंग हालात मे जो हस के गुजर जाते है
देश के लिए  अपनी जान पर खेल जाते है ।
मुसीबत जो भी हो , याद वो ही आते है ।



Tuesday, June 11, 2013

नक्सल बाद !

 ,
                                           
नक्सल बाद ने आज देश को अपनी आग मे झुलसा दिया है ! लगातार हमले होते रहे है पर ये सब स्वार्थी राजनीती के कारण ही होता है !इतनी बड़ी समस्या से आज  देश चिन्ता मे   है । पर अभी  तक सरकार ने कोई  प्रभावी कर्येव्हायी नही की , कारणों और निवारणों का चिंतन सही स्तर  पर अभी तक नही हुआ हैसुरक्षा  बल का प्रयोग तो इतने वर्षो  से विफल ही रहा है अब जरुरत है सही निवारण पद्दति के प्रयोग की । 


इस  समस्या के हल के लिए एक तरफ तो के पी  एस गिल , जुलिअस रिबेरो जैसे दिलेर रणनिति के सुरक्षा बल संचालक काम करे , तो दूसरी तरफ विनोबा वहाबे , जयप्रकाश नारायण, लोहिया सरीखे नेताओ की रहा पर चलकर  सच्चे समाजवाद को जिन्दा करके,इस  समाज का  सामाजिक आर्थिक राजनितिक पिछड़ापन दूर करा  जाये  और देश के मुख्या धारा मे  लाया जाये ।अगर जब कश्मीर समस्या  के लिए वार्ता दल बनाया जा सकता है तो इस  मुददे  पर क्यों नही पहल  हुई , आखिर एन युवाओ की समस्या क्या है ? उस समस्या का मूल क्या है ? समस्या के मूल कारणों पर भी आर्थिक सामाजिक और राजनीतिः  बल का प्रयोग जरुरी है !