Thursday, June 27, 2013

अबके पानी ऐसे बरसा ... ले गया मेरी जान !

अबके पानी ऐसे  बरसा ... ले गया मेरी जान !
पानी के साथ बरसे पत्थर , मौत संग ले आये
बच्चे बूढ़े माता - बहेने बचकर कहा अब जाये ?
जवानों की ताकत भी अपनों के काम न आये
अबके पानी ऐसे  बरसा ... ले गया मेरी जान !

तंग हालात मे जो हस के गुजर जाते है |
मुसीबतों मे  जो सोना सा निखर जाते है
उनकी पेशानी  पे  चमका ना पसीना श्रम का
उनकी राहो  मे दुःख आकर ठहर जाते है |
तंग हालात मे जो हस के गुजर जाते है
देश के लिए  अपनी जान पर खेल जाते है ।
मुसीबत जो भी हो , याद वो ही आते है ।



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