Tuesday, December 3, 2013

बलात्कार अब राजनीतिक मुद्दा !

आजकल अखबारों मे दो खबरों पर बहुत शोर मच रहा है ! एक तो मोदी जी के विरुद्ध एक महिला की जासूसी के आरोप दुसरे तरुण तेजपाल की विरुद्ध यौन अपराध का आरोप !
अगर प्राप्त अखबारों के अनुसार उनपर विश्वास किया जाये तो अधिकतर इस बात पर जोर दे रहे है की मोदी ने बहुत बड़ा अपराध किया है जो गुजरात शासन के अधिकारियो ने किसी लाचार पिता के कहेने पर बेटी को सुरक्षा देने की बात करी है और मोदी जी के विरुद्ध ना सबूत है ना खुद महिला और तेजपाल जी को गोवा सरकार मुजरिम बना रही है | नही तो वो तो अपराध कर ही नही सकते | सरकारी पत्रकार जो है |जिन्होंने देश की मुख्य गैर कांग्रेसी पार्टी बी जे पी को हनी ट्रेप मे फसाकर बदनाम करने मे काला धन का इस्तमाल किया था |और सत्ता मे आकर देश का बंटाधार करने और खुद मस्ती मारने की छुट इनको दी गयी थी |
बहुत बड़े बड़े लोग जो मोदी जी विरुद्ध ज्वालामुखी बने हुए थे ,गिरगिट की तरह रंग बदल गए और अचानक तेजपाल के लिए बकालत करने उतर पड़े है !मानो उनके सत्ता खेल को किसी ने विगाड़ दिया हो | ये कैसी राजनीति है और कैसा कानून ?जिसकी कोई भी मजाक बना ले सत्ता मे बेठ कर |
बाल की खाल निकलने मे माहिर , बक्तायो को तेजपाल पर बोलने का बक्त ही नही मिल रहा है |अभी सोच मे है की केसे उस महिला को जूठा साबित करे |या उसके चरित्र का हनन किया जा सके | बड़े बकील साहब सत्ता के ठेकेदार जिन्होंने पैसा दिया ( काला या सफेद ) और देते रहे तहलका मचाने को विपक्षी दलों के खात्मे के लिए , उनसे कोई कुछ नही पूछ रहा की क्या क्या होता है ? पैसे का इन पत्रकारों की अय्याशियों मे |
कोन है ये तेजपाल ? किसके पैसे से अय्याशिया करते है ये सत्ता के दलाल ? जनता को समझ आ गया है …..
और भारतीय मिडिया तो पूरी तरहा पीले रंग मे रंग गया है | पीत पत्रकरिता के
कारण ही तो सही खबरों के लिए जनमत का रुझान इन्टरनेट की तरफ हो रहा है | जिस कारण अब खरीदे गए लोग सोशल मिडिया पर भी रोक लगाने के लिए तड़फ रहे है |पर अब जाएदा दिन नही बचे है इनके पास , ये इन्हे भी पता है | इसलिए सारे एकमत होकर देश हित मे लगे सारे तत्वों को गलत सिद्ध करना चाहते है
| इसी काले धन से पैदा पीले रंग को केसरिया रंग पर सुनियोजित तरीके से चडाने का असफल
प्रयास कर रहा है मिडिया | एक तरफ तो कहेते है लोकतंत्र है फिर .. मोदी जी के पीछे क्यों पड़ गये है सारे एक होकर | जहा महिला या किसी पक्ष के तरफ से शिकायत भी दर्ज नही है तो भी मोदी जी का नाम महिला की जासूसी
मे बिना सबूत के लिया जा रहा है | और प्रयोजित प्रदर्शन भी होने लगे है
तथाकथित नारी संगठनो के अनेक स्थानों पर ,
और जहा तेजपाल के विरुद्ध ? कोई नही गया अभी तक इण्डिया गेट पर मोमबत्ती जलाने के लिए ? नारी शोषण के विरुद्ध ?
खुले सबूत होने पर भी लोग जाँच की बात करते है | पीड़ित सामने है पर उस पर दबाब बनाने की हर संभव कोशिश की जा रही है | और बेशर्म होकर कुछ सत्ता के दलाल राज्य
सरकार पर अतिरिक्त तेज़ी दिखाने का आरोप भी लगा रहे है | जबकि भारत सरकार के ग्रहमंत्री मोदी जी के विरुद्ध जाच के लिए रो रहे है | और तेजपाल पर चुप्पी है |
मानो तेजपाल के विरुद्ध मामला दर्ज करने के लिए गोवा की बी जे पी सरकार ने ही दबाब डाला हो उक्त महिला पर | अभी इंतजार करिये कुछ भी बयान आ सकते है तेजपाल के पालनहारो के …
ये किस्सा असल मे राजनीति – पैसा -सत्ताहड़प – अयाशी का दिख रहा है
| जनता एस सरकार
के सारे खेलो को समझ रही है और उससे रोष मे है | इस तरह के हथकंडे अपना कर सरकार मोदी जी को नही रोक सकते | ये देश अब मन बना चूका है मोदी जी को देश की प्रधानमंत्री पद के कुर्सी के लिए| और इससे भी कांग्रेसी केंद्र सरकार को
अन्तोगत्वा राजनितिक नुकसान ही होंगा |जिसका असर राज्य चुनावो मई पता चल जायेंगे |

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