बाढ़ में बहा अलगाव वाद का नारा ..
जम्मू काश्मीर की यही नियति है आजादी के बाद से बनने बाली सारी सरकारे
राज्य हित में नही अपितु स्वं हित में कुर्सी लाभ लेने में ही लगी रही है
, इस बार की बाढ़ ने सारी पोल खोल दी है |
राज्य प्रशासन अपने लोगो और अपने को बचाने में ही लगी रह गयी निवासी राहत
और बचाव के लिए पूरी तरह केंद सरकार पर निर्भर नजर आये ,
और ये आपदा देश हित में एक सन्देश दे गयी , सम्पूर्ण देश ने एक होकर
कश्मीर के लोगो का साथ दिया और आपदा से लड़ाई लड़ी और दिल जीते !स्थानीय
नागरिको ने भी खुले दिल से प्रेम स्वीकार किया और अलगाववादी विचार धारा
इस बाढ़ के पानी के साथ मानो बह गयी |
अब राज्य और केंद सरकार पर भरपूर मोका है की , देश प्रेम और अखंडता की
जड़े पुनर्वास, विकास ,रोजगार और राहत की जमी में मजबूती से लगा दी जाये ,
ताकि कोई विदेशी ताकत फिर एक फूलो की घाटी में तेजाब की दुकान न खोल सके |देश एक भाव से तरक्की करे , शांत रहे !आतकवाद समाप्त हो |
!
अमन अन्गिरिशी ..
अमन अन्गिरिशी
जम्मू काश्मीर की यही नियति है आजादी के बाद से बनने बाली सारी सरकारे
राज्य हित में नही अपितु स्वं हित में कुर्सी लाभ लेने में ही लगी रही है
, इस बार की बाढ़ ने सारी पोल खोल दी है |
राज्य प्रशासन अपने लोगो और अपने को बचाने में ही लगी रह गयी निवासी राहत
और बचाव के लिए पूरी तरह केंद सरकार पर निर्भर नजर आये ,
और ये आपदा देश हित में एक सन्देश दे गयी , सम्पूर्ण देश ने एक होकर
कश्मीर के लोगो का साथ दिया और आपदा से लड़ाई लड़ी और दिल जीते !स्थानीय
नागरिको ने भी खुले दिल से प्रेम स्वीकार किया और अलगाववादी विचार धारा
इस बाढ़ के पानी के साथ मानो बह गयी |
अब राज्य और केंद सरकार पर भरपूर मोका है की , देश प्रेम और अखंडता की
जड़े पुनर्वास, विकास ,रोजगार और राहत की जमी में मजबूती से लगा दी जाये ,
ताकि कोई विदेशी ताकत फिर एक फूलो की घाटी में तेजाब की दुकान न खोल सके |देश एक भाव से तरक्की करे , शांत रहे !आतकवाद समाप्त हो |
!
अमन अन्गिरिशी ..
अमन अन्गिरिशी
No comments:
Post a Comment