Tuesday, September 30, 2014

देहिक समझोते

मेरा प्रश्न यह है की जो औरते आज पुरुष पद पर है अर्थात उनके समान धन , बल , शोहरत प्राप्त कर चुकी है कभी किसी ने उनके जीवन का चित्रण किया गया है की वो पुरुष से कितना अलग अपना पुरुषत्व प्रदर्शित करती है , उनका मानक विचलन नही मद्द्य विचलन ही होता है ... उनके योन खुलेपन या पुरुष शोषण के तरीके कुछ अलग होते है क्या पुरुष से ??नोकरी , रोजगार , हर स्थान पर अपनी छदम आजादी के लिए देहिक समझोते करती नारी , आम बात है , कोन और कितने पुरुष उसे मजबूर कर रहे है , देह को वस्तु की तरह उपयोग करने की आजादी को किस प्रकार से तर्कसंगत बनाया जा सकता है .....

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