Thursday, March 7, 2013


भारत- कश्मीर  की एकता के नये  प्रतीक का भारत की क्रिकेट टीम  स्वागत है |
कश्मीर की घाटी  से  भारत की टीम मे आया ये नया क्रिकेट स्टार  परवेज रसूल को उसकी मेहनत , लगन और हिम्मत  के  दम पर ये मुकाम मिला है । जिसे अपने प्रदर्शन से साबित भी कर दिया है | इनके चयन पर कुछ लोगो को आपति है जबकि देश हित , किसी भी खेल से बड़ा होता है | अब  तो वो I P L मे  पुणे वर्रियर से भी  खेलेंगे जो एक निजी कंपनी की टीम है ।  भले ही वो कश्मीर से  पहेला खिलाडी हो जो  भारत की क्रिकेट टीम मै  आया है पर उस मौसम , माहोल और तनाव की स्थिति मे कैसे अपना अभ्यास किया होंगा उसने ? | अब भी उसका नाम उसके दोस्तों ने रखा है ' इंडिया " पर यही बात उनको देश की एकता और अखंडता का दूत बनाती है और देश को तोड़ने बालो के मुह पर तमाचा है  ।जब रसूल जिंदाबाद ! के नारे खेल स्टेडियम के साथ घरो - बाजारों  मे हिन्दू मुस्लिम मिलकर लगाएँगे  और जीत - हार पर सब साथ होंगे  तब  दिलो मे जमे राजनीती  के मैल तुरंत साफ हो जायेंगे | क्युकी इस देश मे क्रिकेट अपने आप मे एक धर्म है जनून है |जो हर राजनीती से उपर  हो जाता है सारी बाते गोण रहे जाती है  साथ ही  अगर कला ,सहित्य , फिल्म , शिक्षा ,राजनिति ,सहित्य और खेल जैसे प्रसिदी और धन दिलाने बाले  कैरियर मे कश्मीरी या दूर - दराज़ के राज्यों के  युवा देश मे सफल होते है तो घाटी से  क्या देश भर से ही अलगावबाद के जड़े ही ख़तम हो जाएँगी । सरकार को इस बारे मे भी काम करना होंगा |  और १० गुलाम रसूल  देश के हजारो दुस्मानो का मुह बंद के सकते है और आने वाली नस्लों को सही रस्ते पर रखा जा सकता है | मुख्य सिक्षा केन्द्रों , सुरक्षा बलों ,सामाजिक एवं सास्कृतिक सस्थायो   मे सीट्स बढाकर north  - ईस्ट  कश्मीर - लद्दाख और नक्सल इलाकों के यूवाओ को अगर अधिक  मोका दिया जाये तो देश की तक़दीर बदल सकती है | भारत के दिल्ल्ही से  दूर - दराज़ राज्यों के लोगो को देश की मुख्या धरा से जोड़ने से अखंडता और एकता की भावना निश्चित ही बढती है |
 ||  भारत की एकता के प्रतीक का स्वागत है । 
                                   अमन कुमार अन्गिरिशी
 भारत की एकता के प्रतीक का स्वागत है । 


घाटी  से उबरा क्रिकेट स्टार ! 
 परवेज रसूल को उसकी मेहनत और लगन  के  दम पर ये मुकाम मिला है ।अब वो I P L मे  पुणे वर्रियर से खेलेंगे ।  भले ही वो कश्मीर से  पहेला खिलाडी हो जो  भारत की क्रिकेट टीम मै  आया है  पर यही बात उनको देश की एकता और अखंडता का दूत बनाती है  । अगर कला ,सहित्य , फिल्म , शिक्षा ,राजनिति ,सहित्य और खेल जैसे प्रसिदी और धन दिलाने बाले  कैरियर मे कश्मीरी युवा देश मे सफल होते है तो घाटी से अलगावबाद के जड़े ही ख़तम हो जाएँगी । भारत की एकता के प्रतीक का स्वागत है । 
                                   अमन कुमार अन्गिरिशी
                                     मेरठ  ( U . P  )




 बर्तमान डाक का  पता   .... अमन कुमार
                             B -6 7
                            शान्ति नगर
                             सी , बी . आर आई
                             रूडकी
                           उत्तराखंड 

Monday, February 25, 2013


फतवे की राजनीती !कश्मीरियत पर भारी 

खामोश की लब  गुलाम है तेरे , ( अंक २ ० फरबरी  )
घाटी मे जब महिला बेंड " प्रगाश " (पहली रौशनी ) के विरुद्द फतवा जारी  हुआ तो दुनिया भर के युवा  मुस्लिमो को सोच मे  जरुर डाल  दिया होंगा की  घाटी  मे मुस्लिम  समाज का विकास किस दिशा मे  हो रहा है ? मुफ़्ती बशीरुद्दीन सहाब ने  संगीत  को गैर इस्लामी बोलकर कश्मीर ही नही दुनिया भर की सूफी परंपरा  को नकार दिया वे  पाकिस्तान मे  क्यों नही झाख कर देखते  जहा फिल्मे भी बनती है और  जनून जैसे बेंड  भी है और अदनान सामी जेसे गायक भारत आकर गाने गाते  है । इस्लामी फतवे नारी उद्दार के लिए क्यों नही होते ?जो लोग मानव व्यापार मे लगे है उनके विरुद कोई  फतवा नही आता क्यों ?हा उमर अब्दुल्ला जैसे लोग बधाई के पात्र है जो इन 
सरफिरो के विरुद बोलने की हिम्मत रखते है । ये  भारत है जहा लाखो मुस्लिम महिलाये अपनी  हर अभिव्यक्ति के पर्देर्शन के लिए आजाद है ।उन महिलायों को सुरक्षा देना  अब सरकार की जिम्मेदारी है ।प्रगतिशील मुस्लिमो के बयान का इंतजार रहेंगा   । 
     
                                                                                अमन अन्गिरिशी 
                                                                                            मेरठ उ प्र