Tuesday, January 22, 2013


  •    संघ और बीजेपी आतंकबादी है !सुशील  कुमार शिंदे  (कसाब  अफजल , सईद और हर पाकिस्तानी  की पूजा करो )
  • मै   भी जन्तर -मन्तर जाना चहाता था । कबीर  (आपका सुक्रिया  )
  • कल्याण सिंह बीजेपी मे  ( अब कल्याण किसका होंगा ?)
  • भटिंडा दुष्कर्म मामले मे  लड़की जूठी साबित ।( अब किसे फासी दे ?)
  • सोने का आयात  शुल्क 2% (अब 6 % ) (ब्लैक मनी से क्या ले अब ?)
  • शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव बनेगे । (  शेर की कुर्सी पर लोमड़ी )
  • राहुल गाँधी अब कांग्रेस उपाध्यक्ष ।( खानदानी पार्टी है भाई !)
  • हेडली की सजा, भारत खफा ( क्या फर्क पड़ता है ?अमेरिका को )
  • अमिताभ इंडिया आइकॉन  ( राहुल गांधी  कहा  है ? )
  • तीन आताकियो को मारने  बाले मेज़र  अनूप को कीर्ति चक्र  ( अच्छा कदम )
  • दिल्ली का एक  दुष्कर्मी नाबालिक (कानून मे  बदलाव हो )
  • मुंबई  40 बी बार रणजी जीता (सचिन कितनो मे  खेले ?)
  • जयपुर मे लिटरेचर फेयर सफल (फेसबुक , ब्लॉग के ज़माने मे , अच्छा है )
  • आर्थिक विकास दर 5.5 % का अनुमान R BI  ( बहुत है , चुनाव जितने को )
  • अफजल गुरु को जल्दी फासी दी जाये । दिग्विजय सिंह ( आपकी सरकार  है उनसे कहो  महाराज हमें क्यों ?) 

Friday, January 18, 2013

औरत की आवाज़ ! ( )
यही सच है की भारत जैसे लोकतंत्र मे जब नारी अपना वोट अपनी इच्छा से एक मत समूह बना कर देना शुरू कर देंगी तो उनकी सारी समस्या ख़तम हो सकती है ।सारे दलों को इस दिशा मे सोचना ही पड़ेंगा नही तो उनके सफाए का डर रहेंगा ।हर दल मे हर स्तर पर जब नारी होंगी तो नारी होना अपने आप मई गौरव का विषय होंगा 
यहा पर वोट की ही कीमत है इंसान की नही , लिंग के आधार पर नारी जगत का एक होना पुरे समाज के लिए सुखद सिद्ध होंगा । 
अमन कुमार

कच्ची उम्र के खतरनाक दरिन्दे !

कच्ची उम्र के खतरनाक दरिन्दे ! ( अंक 23 जनबरी 2013 )
यह सच है की अब नई उम्र के लड़के बड़े अपराध कर  रहे है । इसके क़ानूनी ही नही सामाजिक पहेलु  भी देखना होंगा ।समाज ,मानवता सिखाने मे नाकाम शिक्षा ,ऐश गहा बने   स्कूल - कॉलेज का महोल  ,एकाकी  परिवार और पश्चिम से आई खुली हवा ने देश का  सारा   सामाजिक ढाचा बिगड़ दिया है ।अपराध करना अब रोमांच का विषय बन गया है ।इसमे परिवार और  समाज के साथ ही सरकार  का भी दोष है ।शिक्षा और करियर  निर्माण मे व्यस्त रहेने के साधन बहुत  कम है ।परिवार एकाकी है , इन्टनेट ने सब प्रकार की शिक्षा  घर बेठे प्रदान की है माता पिता पर समय नही है बच्चो के लिए । जरुरत है समाजिक परिवर्तन की न की कानून बदलने हा अपराधी को कठोर सजा जरुर दी जाये ।
                                                अमन कुमार 
                                                                       मेरठ 

Thursday, January 17, 2013

1, 13 साल पुराने शिक्षक भारती घोटाले मे हरियाणा के पूर्व CM ओमप्रकाश  ,एवं MLA  पुत्र अजय चौटाला 55 साथियों सहित जेल मे ।
2 महिला अपराध पर उत्तराखंड मे पुलिस की 1090 NO सुबिधा ।
3 फास्ट  ट्रेक कोर्ट के जज वीरेन्द्र भट्ट ने  दुष्कर्मी को फ़ासी की सजा सुनाई ।
4 पाकिस्तानी आवामी तहरीक के निर्माता ताहिर कादरी अपनी पुस्तक फतवा ओन  टेर्रेस्म एवं आन्दोलन के कारण खबरों मे .।
5 पाक की सुप्रीम कोर्ट (CJ इफ्तखार चोधरी ) ने रेंटल पावर घोटाले के लिए  प्रधानमत्री राजा परवेज अशरफ की गिरफ्तारी के आदेश दिए ।
6 सिगापुर संसद की पहली महिला स्पीकर हलीमा याकूब बनी ।
7 ड्रेस कोड और मोबाइल पर रोक गैर क़ानूनी खाप पंचायत को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस ।
8 वैश्यालय चलाने मे पूर्व ब्रिगेडियर पत्नी सहित बरी मुंबई उच्च न्यायलय ।
9 लड़की भगाना के  गलत आरोप के चलते लड़के ने आत्महत्या की ,करनाल  हरियाणा ।
10 श्रीलंका की पहली महिला मुख्या नायधिश शिरीन भंडारनायके बरखास्त ।
11 मानसिक विकलाग के साथ स्कूल मे दुष्कर्म न्यू यार्क ।
12 मथुरा के हेमराज एवं MP के सुधाकर सिंह देश पर शहीद , भारत दुःख मे  डूबा ।
13 होकी  इंडिया लीग ,HIL  5 टीम शुरू होना है ।

  • खुद को PM बनाने की बात पर गुस्सा हुए राहुल ( अभी भी है )
  • एयरटेल और टाटा के खिलाफ सीबीआई केस ( सरकार  के साथ रहो जी )
  • शिंदे ने माफ़ी नही मांगी  कमलनाथ ( अब क्या चिड़िया चुग गयी .........)
  • रामसेतु मुद्दा फिर गरमाया ( चुनाव आने को है )
  • धोनी का बल्ला चला ( आलोचकों की बोलती बंद हुई )
भारत बनाम इंडिया ....
 हमारे संविधान में अनुछेद 1 मे  ही कहा  गया है  इण्डिया दैट इज  भारत . संवैधानिक रूप से हमारे देश के दो नाम है जिसका औचित्य समज से परे है  भारत की सरकार आज तक भी  गवर्नमेंट ऑफ इंडिया लिखती हैं । शाइनिंग इंडिया का नारा  भी 9-10 साल पहेले  बीजेपी को डूबा गया था ।पर अब तक इंडिया चमका ही नही अब आरएसएस प्रमुख  मोहन भगबत का कहना है की बलात्कार भारत मे  कम इंडिया मे  जाएदा होते है । जबकि इस कुकृत्य का इंडिया या भारत से कोई मतलब नही है पर इस मुद्दे को बहस के लिए जंक्सन फोरम ने सही चुना  है । हर समाज की तरह भारत भी अनेक प्रकार के वर्गों मे  बटा  है । एक तो जहा इतना पैसा है की रोटी खाने की  भूख नही है तो दूसरी तरफ भूख ही भूक है पर रोटी नही है ।बीच मै  वो लोग है जिनपर रोटी है भूक है और कुछ नही है ।विकास का बहुत  असंतुलन है यहा कार्लमार्क्स बाला वर्ग संघर्ष भी नही है तो पश्चिम का खुला भोतिकबाद अभी तक जड़े  नही जमा पाया है अधीसख्यक जनता सामाजिक रूप से सक्रमण काल मे  चल रही  है ।जो पेदुलम की  गति कर  रहा है ।दैनिक जागरण मई छपी  भारत सरकार  की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 वर्षो  मे किशोरों के दुआर किये गए  दुष्कर्म के मामले 4 गुना बढ  गए है । और तथाकथित भारत मे  इंडिया से दोगुना नारी अपराध होता है  पर सोचने का विषय यह है की भारत मे नारी विरुद्ध होने बाले अपराध अशिक्षा जातिगत आधार पर  , आथिक एवं  सामाजिक विसमता के कारण और विधि के असमानता के कारण  है ।भले ही डैय्सी के विधि के शासन के तत्व भारत के सबिधान में अनुछेद 14 मे  रखे गए हो पर वास्तव मे ऐसा  हुआ कहा   है सब के लिए   कानून अलग होता है ?
 सबसे पहले पुलिस – प्रसाशन को पूरा बदलना होंगा |अपराध की जिम्मेदारी तय करनी होंगी | अगर पुलिस चाहे तो कोई अपराध न हो साथ ही पुलिस बल मे भी दुगनी ब्रद्धि हो | पुलिस और अन्य बलो मे महिलायों की सख्या बड़े और अंग्रजी ज़माने के चली आ रही पुलिस ट्रानिंग मे बड़ा बदलाव हो |नवीनतम तकनीको का प्रयोग अपराध रोकने मे किया जाये | मनोविज्ञान, मानवाधिकार ,नैतिक सिक्षा , मानविकी जैसे विषय भी हो | सबकी ट्रेनिंग एक ही बार नही हर ५ वर्ष मे हो ! और जो लोग इन विषयो की परीक्षा पास करे , वो ही तरक्की पाए |पुलिस को मानसिक रूप से भी ट्रेंड किया जाये |महिला थाना पद्दति बढाई जाये |
२ . देह का बिकना-खरीदना बिलकुल बंद हो !समाज भारतीय तरीके पर चले |अश्लीलता के सारे साधन इन्टरनेट / फिल्मे / पुस्तके /mms /खेलोने ख़त्म किये जाये |सख्त क़ानूनी कर्येवाही की जाये , कड़ी सजा हो |
३ और अधिक फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट बनाये जाये | फेसला तुरंत हो | इसकी भी समय सीमा बने |महिला जज ही महिलाओ के मामलो को सुने |
४ असंगथित रोजगारी पर नियंत्रण हो |यातायात के साधनों , सवेर्जनिक स्थानों ,अन्य सभी स्थानों की निगरानी करी जाये | बेरोजगारी को कम किया जाये | समाज का निर्माण नये सिरे से , क्रांति की तरह तुरंत किया जाये |
5 . ओनर किलिंग पर तुरंत कार्यवाही हो |“Justice delayed is justice denied.” जातियों पर आधरित राजनीती बंद हो |सरंक्षण और सजा दोनों को लागु किया जाये |
कानून होना ही जरुरी नही | दिखना भी चहिये |
६ . आथिक रूप से समाज के हर वर्ग को सबल बनाना होंगा |
७ .देश के अस्पतालों मे महिला अपराध से पीडिता
को सरकारी मद्त मिले | इलाज़ मुफ्त हो |सरकारी सहायता मिले |
८.बालिका सिक्षा मुफ्त तो है पर अनिवार्य करके, उसे प्राप्त करने की हर प्रकार की सुविधा भी परदान करनी होंगी ताकि दूर -इलाकों की बालिकाए भी सुरक्षित रह कर सिक्षा प्राप्त कर सके |और सिक्षा का हथियार प्राप्त करे |
९ युवाओ को यौन सिक्षा दी जाये |स्कूलों मे योग /धयान /कसरत / खेल एवं अन्य गतिबिधिया बड़ाई जाये |
१०. सिक्षा मे अमूल-चुल परिवतन करके नैतिक सिक्षा / सामाजिक विषय अनिवार्य हो |केर्रियर निर्माण की और सभी वर्गों के युवाओ को अग्रसर किया जाये |बेरोजगारी ख़तम हो / क्युकी खाली दिमाग ही अपराध को जन्म देते है |
११. भारतीय दंड सहिता १९६० मे सेक्सन २९९- ३०२ , ३७५ – ३७७और 511 मे परिवतन करना होंगा | नारी के सरीर से सम्बंदित सभी अपराध कठोर कानून मे आये जाये |
१२ किशोर अपराध कानून की समीक्षा हो |
१३ अगर दुष्कर्म के साथ ही हत्या / या शिशु – बालिकाओ के साथ गलत हरकत हो तो इसे अलग कानून से निपटा जाये |
१४ कई बार दुश्मनी /दबाब के कारन भी महिलायों से फ़साने बाली रिपोर्ट्स लिखबा दे जाती है | गलत रिपोर्ट्स पर जिम्मेदार लोगो पर भी कार्येव्हायी हो |
१५ हर प्रकार की नोकरी – काम सुरक्षा
बल / निजी कंपनियों मे महिलाओ की हिस्से दारी हर स्तर पर बढ़ानी होंगी |
१६ आधार UIDAI जैसे योजना तुरंत पूर्ण हो ताकि देश के सभी नागरिको का डाटा बेस बने और कही भी अपराधी बच न पाए |
१७.मोबिल के प्रचलन का प्रयोग सुरक्षा हेतु किया जा सकता है | आपात पालिक no , या जीपीएस तकनिकी के प्रयोग से अपराध से सुरक्षा हो सकती है |









    तो ये प्रश्न उठाने का क्या औचित्य शेष रह 

Sunday, January 13, 2013

धोनी की कप्तानी

धोनी की कप्तानी पर हर मैच की हार  के बाद सवाल हो रहे है । पर उनकी क्या गलती है ? याद रहे ये बही  कप्तान है जिन्होंने भारत को पहेले  T -20 , और अब एक दिवस क्रिकेट का विश्व कप दिलवाया था । पर पहले  राहुल द्रविण ,फिर लक्ष्मण अब  सचिन  के जाने , और जहीर खान , प्रवीण कुमार , भज्जी के घायल होने , एवं पठान बन्धु , विराट कोहली, वीरेन्द्र सहवाग रोहित शर्मा  के फॉर्म मे  न होने
  से जो मानसिक और वास्तविक कमजोरी टीम मे  आई है उसे भी नजर अंदाज नही किया जा सकता ।साथ ही टीम राजनीति भी प्रदशन पर प्रभाव डालती ही है ।अगर कुछ फैसले सही साबित हो जाते है तो आलोचक शांत रहेते है पर कुछ गलत हो जाये तो कैप्टन  बदलने के लिए शोर मच जाता है ।
जरूरत है नए खिलाडियों को आगे लाने  की ,प्रथम श्रेणी क्रिकेट का स्तर  उठाकर ,टीम भावना के साथ  उत्सह - उर्जा बढाने की ,अगर धोनी को बदल भी देंगे तो उसके कद का दूसरा खिलाडी टीम मे  है कोन ? सब के सब अपने  प्रदशन के लिए ही जूझ रहे है ।धोनी का अपना प्रदशन तो अच्छा ही रहा है ।

Thursday, January 10, 2013

ताकि लोकतंत्र जिन्दा रहे .......

अब रेल किराये मे बढ़ोतरी !सफेद हाथी को चारा !
                                           आर्थिक सुधारो ने नाम पर सरकार  लगातार आम आदमी का जीना मुस्किल करती जा रही है ।रसोई गैस ,आटा दालो के कारण  अभी तो खाना - पीना ही महगा  हुआ था !अब कही  जाना भी मुस्किल हो गया है ।डीजल -पैट्रॉल के बड़ते दामो की खबरों की बीच ही रेल किराया बढ़  गया है ।बसों , टेक्सियो ,टेम्पों ,एवं छोटे वहानों में यात्रा तो पहेले  ही महगी हो गयी थी । सरकार की दलील है की रेलवे का घाटा कम करना है ।समझ नही आ रहा एस प्रकार के फैसले लिए जाने से पहेले सरकार जनता के बारे भी  सोचती भी है या नही ? अरबो रुपये की जमीन ,प्लेटफार्म, पार्किंग, खाना , दुलाई की नई प्रोत्सहन योजनाये अगर निजी व्यब्सायियो को इमानदारी से दिए जाते तो किराये मे वृद्धी को कम किया जा सकता था।एक बार जनता को विश्वास  मे लेकर एक बार इमानदारी से जनता को सारी  स्थिति स्पष्ट कर दिया जाये  की सरकार  की आर्थिक योजनाये क्या है और उनका क्या प्रभाव क्या हो सकता है ? सबसे फेले जरुरी है सरकारी खजाने की लूट रोकना । सरकारी खर्च को कम करना  पर योजनाये बनाये कोन ? किस पर टाइम है ? बड़े बाबुओ  को कमाई  से फुर्सत नही तो नेता जी को 5 सालो में  खानदान का भविष्ये बनाना है ।अब भी मॉल भाडा सड़क मार्ग से अधिक होता है ।जैसे प्लेटफार्म पर कम से कम सरकारी बैंको के ATM तो लगाये जा सकते है । साथ ही बहार की जमीनों को लीज़ पर देकर कमाई  करी जा सकती है ।स्लीपर तक की यात्रा पर न्यूनतम वृद्धी होती ।उच्च श्रेणी मे किराया बड़े और  सुविधाये  भी  बदती ।नयी ट्रेन , चले पटरीयो का निर्माण हो तो ठीक है साथ ही  सभी प्रकार की  मुफ्त सुविधए ख़तम करी जाये या कम करी जा सकती है ।ताकि किराया न बड़े ।ये सच है की किराया बढ़ाना जरुरी था पर क्या ये समय सही था ?राहत  की बात तो ये है की चुनाव अगले ही साल है । एसलिये अब चीज़े बदलेंगी ही , सारा खेल तो चुनाव का ही है न  इसलिए अब भारत की जनता को कुछ आराम तो मिलेंगा ही बस 1 से 2 सालो के परेशानी है फिर एक साल आराम और मुफ्तखोरी  ,ये बात और है की फिर 5 सालो तक के लिए सबको कमर मजबूत करनी है । जिन्दा रहेने के लिए और सरकार को कमा  कर देने के लिए ताकि लोकतंत्र जिन्दा रहे .......