Friday, January 18, 2013

औरत की आवाज़ ! ( )
यही सच है की भारत जैसे लोकतंत्र मे जब नारी अपना वोट अपनी इच्छा से एक मत समूह बना कर देना शुरू कर देंगी तो उनकी सारी समस्या ख़तम हो सकती है ।सारे दलों को इस दिशा मे सोचना ही पड़ेंगा नही तो उनके सफाए का डर रहेंगा ।हर दल मे हर स्तर पर जब नारी होंगी तो नारी होना अपने आप मई गौरव का विषय होंगा 
यहा पर वोट की ही कीमत है इंसान की नही , लिंग के आधार पर नारी जगत का एक होना पुरे समाज के लिए सुखद सिद्ध होंगा । 
अमन कुमार

No comments:

Post a Comment