आज निर्विवाद रूप से , मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेता तो है | जिनमे देश के प्रधानमंत्री बनने के अनेको गुण है किन्तु समस्त अव्यस्यक गुण अभी तक उनमे नही आ पाए है |एक तरफ तो उनकी बिखरी हुई बीजेपी पार्टी है ,जिसे आजकल राजनीतिक रूप से अछूत दिखाया जाता है ,और जिस कारण उसके साथ समान विचारधारा बाले कुछ दल ही है और संसद मे बहुमत के लिए गड्बंधन की बिना कोई भी सरकार बननी नही है | उनको एस दल से प्रधान मंत्री बनने के लिए , अटल बिहारी बाजपेई जी जैसी सर्वस्वकरती , नेतर्त्व के गुण , भाषण की वो कला जिस को विपक्षी भी सुनना चाहे , और सबको साथ लेकर आगे चलने की स्पस्ट दिखती सोच दिखानी होंगी |और दूसरी तरफ आपस में उलझे उनके दल के नेता, सत्ता को करीब पाकर कही उस टिड्डे की तरह न हो जाये जो भूख लगने पर अपने परो को ही खाने लगता है |कई बार होता है की आदमी का गुण ही उसके लिए अवगुण बन जाता है |उत्पत्ति के कारण ही विनाश हो जाता है अब देखना यह है की मोदी एन सब समस्याओ पर कितनी जल्दी विजय प्राप्त करते है नही तो सत्ता की गाँधी नगर से दिल्ली ये बाधा दोड़ जिसमे बाधा ही बाधा है , जीतना तो दूर पूर्ण करना ही मुस्किल होंगा |और देश को इसका खामियाजा भुगतना होंगा
अमन अन्गिरिशी
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