Tuesday, June 5, 2012

MINI - SAMUND (SEA ) KI वारिश !

दोस्तों ,    कल रूरकी के आप-पास सायं  5;45 पर तेज़ वारिश  हुई ,\
बहुत  गर्मी थी 15-20 दिनों से, पर मौसम के जानकर बोल रहे थे ,अभी कोई उम्मीद नही है राहत  की ,बस .......
ये statement  आना ,था की वरिश होनी थी, सदा के तरह ... पता नही क्या जादू है? जो  हमारा  मौसम विभाग जो  बोलता है उसका उल्टा क्यों हो जाता है ....( कोई टोटका है क्या ?)
पर सहाब, खुब वारिस हुई ! सब तन ,मन, धरती और आकाश  की गर्मी निकल गयी .
दिल ने कहा  की सो जाऊ ! ....पता नही क्यों ? पर जब वरिश होती है तो मन करता है की सो जाऊ । आराम की सबसे आसान  तरकीब ?
पर थोरी देर मे  ही , वारिश  रुक गयी ।मानो किसी की प्यास शांत करनी थी , और उसने अब बस बोल दिया हो .


मेरे गार्डेन मे  भी पानी की कमी पूरी हो गयी , अब मेरे यह नाशपाती , आम और लीची के फलो  में  रस भर जायेंगा।
कुछ दिन A .C /COOLER  की जरूरत नही होंगी ।ये वर्षा का मौसम कब आयेंगा ?
चाये ,पकोड़ी के साथ बरामदे मे बैठे रहे कर टाइम पास होंगा ?
पर ये वेर्षा हुई क्यों ... अभी तो मानसून भी नही आया ?
प्री मानसून की भी कोई खबर नही .... सोचा तो एक नयी बात समज मे  आई . हमारे उत्तराखण्ड मे ,
कई मिनी समुंद बने है , जैसे टीहरी dam का जलाशय, जब भी गर्मी होती है, तो समुँद किनारे के इलाकों की
मानिद तुरंत वारिश हो जाती है। पिछले वर्षो मे  यह परिवेर्तन मुझे लगा है ,की पानी के बड़े -बड़े जलाशय्र भी मौसम पर असर डाल  रहे है !इस का असर अच्छा है या बुरा ?
ये समय की बात है ..........
इस बार सोचने का सब्द है ---- मिनी -समुंद  = dam के जलाशय  


Reservoir
Capacity2.6 km3 (2,100,000acre·ft)
Surface area52 km2 (20 sq mi)


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