Monday, September 9, 2013

हिंदी ब्लोगिंग !

नव परिवेर्तनो के दौर मे हिंदी ब्लोगिंग !

 इन्टरनेट युग  मे जुड़े लोगो की  आवश्यकता, उपयोगिता, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय दुनिया से तत्काल  अपने लेख  के जरिए जुड़ने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुये आज ब्लॉगिंग जैसे सफल संचार माध्यम को लोकतंत्र का  पॉचवा स्तम्भ माना जा सकता है । बर्तमान युग मे  इसे वैकल्पिक मीडिया तो कोई न्यू मीडिया की संज्ञा से नवाजने लगा है ।लेकिन इसे स्वतंत्र मीडिया कहना अधिक उचित लगता है 
दुनिया बड़ी तेज़ी से बदल रही है इसकी आवश्यकता ,सामाजिकता सवेदनशीलता सब की जरूरत प्रतिदिन बदलती है इसी तरह एस दौर मे हिंदी ब्लोगिंग बड़ी सफल होती , लोकप्रिय कला है ! 
जिसकी  सफलता के पीछे दो प्रमुख कारण हैं जिनमें पहला तो यह कि ब्लॉगों की शुरूआत से पहले आम आदमी इंटरनेट पर केवल एक दर्शक था। जिनमे रूचि थी समय था पर माध्यम नही था 

ब्लॉगिंग ने उसे दर्शक से लेखक बनाकर उसके हाथ में ऐसा  कलंम दिया जिससे वह दुनिया के किसी भी कोने में पलक झपकते अपनी बात साझा कर  सकता है । दूसरा और इसकी लोकप्रियता का सबसे प्रमुख कारण यह है कि इस पर हम अपनी भाषा का उपयोग करते हुए इसका उपयोग किया जा सकता है । इसने उन लोगों मे भी रूचि जगा दी है जिनमे  इंटरनेट के अन्य उपयोगो  में कोई रुचि नहीं थी।

हमारे देश मे इस विद्यया को प्रचलन मे आये अधिक समय नही हुआ है | लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसकी लोकप्रियता बड़ी  तेजी से बढ़ी है। अभिव्यक्ति के इसके गुण अन्य किसी मीडिया माध्यम मे नही है |

ए दौर मे  ब्लॉगरों को चिट्ठाकार कहा जाने लगा है । शुरूआत से ही ये लेखन रसिको को बहुत भाया है और इसके पाठक भी अब लाखो मे है और हर नए - पुराने समकालीन विषयों पर काम हो रहा है |नये और अनोखे विषयो पर काम हो रहा है और उच्च कोटि का काम हो रहा है | 

हर  मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त करने,बिरोध करने ,  डायरी लिखने, ज्ञान .- विज्ञानं के बाते राजनितिक मुद्दो पर खुल  कर बाते हो रही है । नव कल मे इसे  इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का माध्यम कहा जाता है क्योंकि कैसा भी लिखे कोई संपादक नही है |

आज एस माध्यम के लोक प्रिय लेखको की 
 मुख्य धारा के लेखक बनाने की सम्भावना भी बनती है तोबल्कि ब्लॉगर अपने ब्लॉग की लोकप्रियता के अनुसार लाखों रुपए हर महीने कमा सकते है । कंपनियाँ अपने उत्पादों का प्रचार करने के लिए ब्लॉगरों की मदद लेती हैं और विज्ञापन देने वाली कंपनियाँ विज्ञापन पोस्ट करने के लिए। साथ ही


हिन्दी ब्लॉगिंग की लोकप्रियता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि  कई नामी  राजनीतिक ,सामाजिक  और फिल्मी हस्तियाँ इससे जुड़े हैं।दूर  विदेशों में बसे हिन्दीभाषी एस माध्यम से जुड़ कर अपने को देश से जुड़ा महसूस करते है  और देश के  छोटे-छोटे स्थानों  से भी ब्लॉगर अपने  आगे आ रहे है ।

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