Tuesday, September 3, 2013

८४ कोष सत्ता परिक्रमा !

८४ कोष सत्ता परिक्रमा !
बी ज पी के उत्तेर प्रदेश के चुनाव प्रमुख नेता अमित शाह की अयोद्दया की यात्रा , अब बी एच पी की ये ८४ कोसी परिक्रमा , हिन्दू मतों के लिए , फिर बीजेपी आत्मघाती योजनाये बना रही है | जबकि सत्ता के लिए थाली सजा कर खुद कांग्रेस उनके हाथ मे मुद्दे दे रही है | जरुरत है सडको पर आकर पुरे देश के गली -गली नगर नगर जाकर ८४ हज़ार कोसी करने की , जिसमे जनता जुड़े , नेता हो, समस्यायों पर मुद्दों पर बात हो ,विकास के सुझाव लिए- दिए जाये हल दिया जाये सरकार को ,|काश … अगर आद्बानी जी अब फिर रथ यात्रा पर निकलेजिसमे सरकारी चोरी . कायरता , बैमानी ,कुशासन . विफल योजनायो पर लोगो को समझाए तो हिन्दू मुस्लिम का भेद भुला कर उनकी मूल समस्या पर बात करे तो .. मोदी जी गुजरात मे ही खुश रहेंगे अगली बार के प्रधान मंत्री उम्मीदवार के रूप में |एनी दलों को भी साथ देना होना |
बीजेपी ने जिन मुद्दो को सत्ता मे आने के बाद भुला दिया था |जिसे उस समय गड्बंधन की मज़बूरी का नाम दिया गया |तो फिर अब उसको उडाकर अपनी विस्वस नियता पर प्रशनचिन्ह लगवा रही है | जरुरत तो है एक साथ मिलकर उत्सह से आगे बदने की पर आपसी मतभेद के चलते अभी तक वो मजबूत विपक्ष नही बना पाया है | कई मुद्दों पर कांग्रेस का साथ देकर अपना पार्टी विद डिफरेंस का नारा भुला दिया है !
RTI से राजनितिक दलों को दूर रखने बाले कानून पर सहमति हो या अपराधइयो के चुनाव लड़ने से रोक का विधेयक हो ,कांग्रेस का साथ देकर देश के साथ धोका देने बाला काम किया है |
अब बीजेपी कितने ही टोटके कर ले पर सत्ता पाने के लिए अगर अयोद्ध्या मे राम मंदिर, समान नागरिक सहिता या कश्मीर मे धारा ३७० हटाने की बात दुबारा की तो उसे जनता की नफरत का सामना ही करना होंगा | क्युकी एक तो इन मुद्दो पर वास्तव मे राजनीति की अलावा बी जे पी ने सरकार बनाने के बाद भी कुछ नही किया था | दुसरे वर्तमान सरकार की हर मोर्चे पर विफलता से निराश जनता , देश की मूल समस्यायों का हल करने बाली स्पस्ट और निश्चित योजनायो पर चलने बाले राह पर जाना चाहती है |जो एस देश को वास्तव मे विकास और रोजगार दिलवाए | चारो अरफ फैली बईमानी और चोरी से निजाद मिले | मजबूत विदेश निति हो सर्व धर्म समान हो , त्रुस्तिक्रण बंद हो | अगर हिन्दू वोटो का धुरुविकरण करने की कोई निति बनाई गयी है तो वो पूर्णत असफल सिद्द होंगी | क्युकी बक्त और जनता दोनों अब बदल गये है | केंद्र मे सत्ता के लिए देश भर से समर्थन मिलना जरुरी होता है | जिसमे अभी ये दल अभी कामयाब नही हो पाया है | और दलों का साथ भी लेना होंगा अब तो सबसे जरुरी है आपस में एकता , और मजबूती से नेतार्त्व के साथ पार्टी कार्यकर्ता का जुड़ना , पर अभी तक मोदी जी के साथ पूर्ण मन से इनका उच्च शक्ति प्राप्त समूह नही जुड़ पाया है | जो अपने पैरो पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है अब तो बी जेपी को देख कर यही लगता है की अब येन केन प्रकरण कांग्रेस को सत्ता पाने से कोई नही रोक सकता | और ये दल ८४ कोसी तो क्या ८४ हजार कोसी परिक्रमा भी करता रहे , करता रहेंगा पर सत्ता के केंद्र मे इस बार भी नही आ पायेंगा |प्रधानमंत्री के रूप मे कभी कोई रामलला के दर्शन करने नही जा पाएंगा |
अभी बाकि है
अमन अन्गिरिशी

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